खरीदारों के लिए गाइड
गंगा एक्सप्रेसवे के पास ज़मीन का पैसा देने से पहले ज़रूरी जांच। शुरुआत अधिग्रहण के जोखिम से करें: ज़्यादातर खरीदार इसी को नज़रअंदाज़ करते हैं।
अधिसूचित गांव और अधिग्रहण का जोखिम
UP में भूमि अधिग्रहण अधिसूचना कैसे काम करती है, अधिसूचित गांव में ज़मीन खरीदना जोखिम भरा क्यों है, और गंगा एक्सप्रेसवे के पास गांव की जांच कैसे करें।
उत्तर प्रदेश में खतौनी और खसरा कैसे जांचें
UP भूलेख पर खतौनी और खसरा कैसे पढ़ें, हर प्रविष्टि का मतलब क्या है, और गंगा एक्सप्रेसवे के पास खरीदारों को सबसे ज़्यादा फंसाने वाली ग़लतियां।
उत्तर प्रदेश में सर्किल रेट और स्टांप ड्यूटी
सर्किल रेट क्या है, गंगा एक्सप्रेसवे के पास के गांव का सर्किल रेट IGRSUP पर कैसे देखें, और UP में स्टांप ड्यूटी व रजिस्ट्री फ़ीस कैसे गिनी जाती है।
खेती की ज़मीन का भू-उपयोग परिवर्तन (धारा 80, पहले धारा 143)
गंगा एक्सप्रेसवे के पास खेत पर घर, दुकान या कारख़ाना: धारा 143 की जगह आई धारा 80 की घोषणा, और इसके बाद भी कौन सी मंज़ूरियां चाहिए।
गंगा एक्सप्रेसवे के पास ज़मीन धोखाधड़ी से कैसे बचें
गंगा एक्सप्रेसवे के पास ज़मीन बिक्री की आम चालें: सीधे रास्ते का झूठा वादा, अधिसूचित ज़मीन, अवैध कॉलोनी, मुख्तारनामे पर बिक्री और जल्दबाज़ी का दबाव।
UP RERA पंजीकरण कैसे जांचें
गंगा एक्सप्रेसवे के पास किसी प्लॉटेड या हाउसिंग प्रोजेक्ट को UP RERA पोर्टल पर कैसे जांचें: क्या पंजीकृत होना चाहिए, क्या देखें, और ख़तरे के संकेत।
खेती की ज़मीन खरीद या बेच रहे हैं? देखें खेती की ज़मीन कैसे खरीदें और खेती की ज़मीन कैसे बेचें.