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खरीदारों के लिए गाइड

उत्तर प्रदेश में खतौनी और खसरा कैसे जांचें

सीधा जवाब

उत्तर प्रदेश में खतौनी अधिकार अभिलेख है: इसमें हर खाते के मालिक और उनके हिस्से दर्ज होते हैं। खसरा प्लॉट का रजिस्टर है: इसमें हर गाटा की संख्या, रकबा और उपयोग दर्ज होता है। दोनों UP भूलेख पर मिलते हैं। खरीदने से पहले विक्रेता का नाम, हिस्सा, भूमिधरी का प्रकार और ज़मीन की श्रेणी मिलाएं।

आखिरी बार अपडेट: · जांचकर्ता संपादकीय टीम · स्रोत

खतौनी में क्या देखें?

  • मालिकों के नाम और हिस्से। जिस-जिस का हिस्सा है, उसे बैनामे पर दस्तख़त करने होंगे।
  • भूमिधरी का प्रकार। संक्रमणीय भूमिधरी बेची जा सकती है; असंक्रमणीय या पट्टे की ज़मीन आम तौर पर नहीं।
  • टिप्पणियां। गिरवी, अदालती आदेश या लंबित दाख़िल-ख़ारिज की बातें।

खसरे में क्या देखें?

  • गाटा संख्या और रकबा दिखाए गए प्लॉट से मेल खाते हों।
  • ज़मीन की श्रेणी। ग्राम सभा, तालाब, चरागाह, कब्रिस्तान या चक रोड दर्ज प्लॉट निजी तौर पर नहीं खरीदे जा सकते, विक्रेता चाहे जो कहे।

और कौन से रिकॉर्ड देखें?

  • शजरा (गांव का नक्शा), ताकि ज़मीन पर प्लॉट पहचाना जा सके, हो सके तो लेखपाल के साथ।
  • रजिस्टर्ड बैनामे IGRSUP पर, ताकि पता चले कि प्लॉट पहले बिका या गिरवी तो नहीं।
  • दाख़िल-ख़ारिज का इतिहास, ताकि पता चले कि विक्रेता को ज़मीन कैसे मिली।

UP भूलेख के रिकॉर्ड शुरुआत हैं। खरीद के लिए तहसील से प्रमाणित प्रतियां लें। आगे पढ़ें: खेती की ज़मीन कैसे खरीदें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

खतौनी और खसरा में क्या फ़र्क़ है?

खतौनी खाते के हिसाब से होती है और बताती है कि मालिक कौन हैं और किसका कितना हिस्सा है। खसरा गाटा (प्लॉट) संख्या के हिसाब से होता है और हर प्लॉट का रकबा, श्रेणी और उपयोग बताता है। दोनों चाहिए: मालिकाना हक़ के लिए खतौनी, प्लॉट की पहचान के लिए खसरा।

ऑनलाइन खतौनी कैसे निकालें?

UP भूलेख पर ज़िला, तहसील और गांव चुनें, फिर खाता संख्या, गाटा संख्या या मालिक के नाम से खोजें। नतीजा डाउनलोड करें और विक्रेता की दी हुई प्रति से मिलाएं; फ़र्क़ होना ख़तरे का संकेत है।

क्या ऑनलाइन खतौनी से ही ज़मीन खरीद सकते हैं?

नहीं, यह सिर्फ़ शुरुआत है। पैसा देने से पहले तहसील से प्रमाणित प्रति, लंबित दाख़िल-ख़ारिज या मुक़दमों की जांच, पुराने बैनामों की खोज और शजरे के साथ मौका मुआयना ज़रूरी है।

असंक्रमणीय भूमिधर की ज़मीन क्या होती है?

ऐसी ज़मीन जिस पर बेचने का अधिकार नहीं होता; अक्सर सरकारी योजनाओं में आवंटित ज़मीन। इसे खुलकर नहीं बेचा जा सकता। खतौनी में यह दर्ज हो तो वकील की लिखित राय के बिना न खरीदें।

स्रोत

  1. Board of Revenue, Uttar Pradesh: UP Bhulekh land records · हमारी टीम ने अभी नहीं जांचा
  2. Government of Uttar Pradesh: Uttar Pradesh Revenue Code, 2006 (मूल लेख का लिंक अभी दर्ज नहीं) · हमारी टीम ने अभी नहीं जांचा