खेती की ज़मीन
गंगा एक्सप्रेसवे के पास खेती की ज़मीन खरीदें या बेचें
594 किमी मेरठ–प्रयागराज कॉरिडोर पर खेती की ज़मीन की लिस्टिंग, ज़िलेवार जानकारी और खरीदने से पहले की जांच। हर लिस्टिंग पर लिखा होता है कि उसकी कितनी जांच हुई है। बेचने वाले का फ़ोन नंबर कभी सार्वजनिक नहीं किया जाता।
बिकाऊ ज़मीन
अभी कोई लिस्टिंग नहीं छपी है। अगर एक्सप्रेसवे के पास आपकी खेती की ज़मीन है, तो जांच के लिए जानकारी भेज सकते हैं।
खरीदने से पहले क्या जांचें
अधिग्रहण अधिसूचना का जोखिम
UPEIDA गांवों को भूमि अधिग्रहण के लिए अधिसूचित कर सकता है। अधिसूचना के बाद ज़मीन खरीदी तो मुआवज़ा सर्किल रेट के आधार पर मिलेगा, आपकी खरीद कीमत पर नहीं।
एक्सप्रेसवे के बगल में होना, एक्सप्रेसवे पर होना नहीं
गंगा एक्सप्रेसवे पर गाड़ियां केवल इंटरचेंज से चढ़ती-उतरती हैं। किनारे की ज़मीन से सड़क पर कोई रास्ता नहीं मिलता, इसलिए नज़दीकी इंटरचेंज और गांव की सड़क देखकर पहुंच आंकें।
साझा या विवादित मालिकाना हक़
खेती की ज़मीन में अक्सर खतौनी पर कई हिस्सेदार होते हैं। हर हिस्सेदार की सहमति ज़रूरी है, और लंबित दाख़िल-ख़ारिज या मुक़दमा साफ़ मालिकाना हक़ में रुकावट है।
खेती की ज़मीन पर काटे गए प्लॉट
धारा 80 की घोषणा और लेआउट मंज़ूरी के बिना खेत को प्लॉटों में बांटकर बेचा जाए, तो खरीदार न घर बना पाता है, न प्लॉट आवासीय के रूप में दर्ज होता है।