उत्तर प्रदेश में खेती की ज़मीन कैसे बेचें
सीधा जवाब
उत्तर प्रदेश में खेती की ज़मीन बेचने के लिए ताज़ा खतौनी निकालें जिसमें आपका नाम और हिस्सा सही हो, सभी हिस्सेदारों की सहमति लें, IGRSUP पर सर्किल रेट देखें, खरीदार के साथ लिखित इक़रारनामा करें, भुगतान बैंक से लें और उप-निबंधक कार्यालय में बैनामा कराएं। इसके बाद खरीदार दाख़िल-ख़ारिज की अर्ज़ी देता है।
आखिरी बार अपडेट: · जांचकर्ता संपादकीय टीम · स्रोत
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या टैक्स सलाह नहीं।
पहला कदम: काग़ज़ तैयार करें
UP भूलेख से ताज़ा खतौनी निकालें और देखें कि आपका नाम, पिता का नाम और हिस्सा सही है। खसरा प्रविष्टि, गांव का शजरा, जिस बैनामे या विरासत से ज़मीन मिली उसका रिकॉर्ड और अपने पहचान पत्र साथ रखें। अगर ज़मीन विरासत में मिली है और रिकॉर्ड में अब भी माता-पिता का नाम है, तो पहले दाख़िल-ख़ारिज कराएं; खरीदार यह ज़रूर मांगेगा।
दूसरा कदम: परिवार में सहमति बनाएं
खतौनी में हिस्सेदार हों तो हर हिस्सेदार को दस्तख़त करने होंगे, नहीं तो पहले बंटवारा चाहिए। बयाना मिलने के बाद पता चला विवाद ही सौदे टूटने की सबसे आम वजह है।
तीसरा कदम: सबूत के साथ कीमत तय करें
IGRSUP पर अपने गांव का सर्किल रेट देखें और पड़ोस में हाल की रजिस्ट्रियों की कीमत पता करें। “एक्सप्रेसवे रेट” की अफ़वाहों पर भरोसा न करें: खरीदार के लिए असली बात आपके खेत तक का रास्ता और नज़दीकी इंटरचेंज की दूरी है।
चौथा कदम: देखें कि गांव अधिसूचित तो नहीं
अगर सरकार ने आपके गांव को अधिग्रहण के लिए अधिसूचित किया है, तो निजी बिक्री पर रोक हो सकती है और मुआवज़ा सरकारी प्रक्रिया से मिलता है। विज्ञापन देने से पहले तहसील में पूछें।
पांचवां कदम: इक़रारनामा, भुगतान, रजिस्ट्री
खरीदार के साथ लिखित इक़रारनामा करें जिसमें प्लॉट, कीमत, समय-सीमा और किसी पक्ष के पीछे हटने पर बयाने की शर्त हो। भुगतान बैंक से लें, उप-निबंधक कार्यालय में बैनामा कराएं और खरीदार को दाख़िल-ख़ारिज के काग़ज़ दें।
इस साइट के ज़रिए बेचना
हम एक्सप्रेसवे के किनारे की खेती की ज़मीन बुनियादी जांच के बाद लिस्ट करते हैं, और आपका फ़ोन नंबर, नाम या खसरा संख्या कभी नहीं छापते। खरीदार हमसे संपर्क करते हैं, और गंभीर पूछताछ हम आप तक पहुंचाते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या साझा ज़मीन में से मैं अपना हिस्सा बेच सकता हूं?
खतौनी में दर्ज हिस्सेदार आम तौर पर अपना हिस्सा बेच सकता है, लेकिन अविभाजित हिस्सा खरीदने वाले को अलग नपा प्लॉट नहीं, सिर्फ़ हिस्सा मिलता है। ज़्यादातर खरीदार पूरा प्लॉट चाहते हैं, जिसके लिए सभी हिस्सेदारों के दस्तख़त चाहिए। परिवार में असहमति हो तो पहले बंटवारा कराएं।
क्या सर्किल रेट पर ही बेचना ज़रूरी है?
आप कोई भी कीमत तय कर सकते हैं, लेकिन स्टांप ड्यूटी तय कीमत और सर्किल रेट वाले मूल्य में से ज़्यादा पर लगती है। सर्किल रेट से कम पर बेचने से स्टांप ड्यूटी कम नहीं होती और टैक्स के सवाल उठ सकते हैं, इसलिए बहुत कम कीमत हो तो सलाह लें।
खेती की ज़मीन बेचने पर क्या कैपिटल गेन टैक्स लगता है?
यह जगह पर निर्भर है। शहर की सीमा से तय दूरी के बाहर ग्रामीण इलाक़े की खेती की ज़मीन आयकर क़ानून में पूंजीगत संपत्ति नहीं मानी जाती। शहरों के पास की ज़मीन पर टैक्स लग सकता है। कीमत तय करने से पहले टैक्स सलाहकार से पूछें।
भुगतान कैसे लें?
भुगतान बैंक ट्रांसफ़र या डिमांड ड्राफ़्ट से लें और बैनामे में दर्ज कराएं। बड़ी रक़म नक़द न लें: खरीदार मुकर जाए तो नक़द भुगतान साबित करना मुश्किल होता है, और क़ानूनी सीमा से ज़्यादा नक़द पर जुर्माना लग सकता है।
gangaexpressway.com पर अपनी ज़मीन कैसे लिस्ट करें?
हमें कॉल या व्हाट्सऐप करें, या ईमेल भेजें। ज़िला, तहसील, गांव, रकबा उसकी इकाई के साथ, मांगी गई कीमत और आपके पास कौन से काग़ज़ हैं, यह बताएं। छापने से पहले हम लिस्टिंग जांचते हैं और आपका फ़ोन नंबर या खसरा संख्या कभी नहीं छापते।
स्रोत
- Board of Revenue, Uttar Pradesh: UP Bhulekh land records · हमारी टीम ने अभी नहीं जांचा
- Stamp and Registration Department, Uttar Pradesh: IGRSUP: registration, circle rates and stamp duty · हमारी टीम ने अभी नहीं जांचा
- Government of Uttar Pradesh: Uttar Pradesh Revenue Code, 2006 (मूल लेख का लिंक अभी दर्ज नहीं) · हमारी टीम ने अभी नहीं जांचा