मुख्य सामग्री पर जाएं
gangaexpressway.comगंगा एक्सप्रेसवे प्रॉपर्टी गाइड
English
मेन्यू

खरीदारों के लिए गाइड

गंगा एक्सप्रेसवे के पास ज़मीन धोखाधड़ी से कैसे बचें

सीधा जवाब

एक्सप्रेसवे के पास ज़मीन में सबसे आम जाल हैं: एक्सप्रेसवे पर सीधे रास्ते का वादा, अधिग्रहण के लिए अधिसूचित गांवों के प्लॉट, खेत को मंज़ूर कॉलोनी बताकर बेचना, मुख्तारनामे पर बिक्री और जल्दी बयाना देने का दबाव। खतौनी, अधिसूचना और मंज़ूरियां ख़ुद जांचें, भुगतान बैंक से करें और पूरी रक़म देने से पहले बैनामा कराएं।

आखिरी बार अपडेट: · जांचकर्ता संपादकीय टीम · स्रोत

ख़तरे के संकेत क्या हैं?

  1. “एक्सप्रेसवे पर सीधा रास्ता।” एक्सप्रेसवे पर किनारे से कोई रास्ता नहीं होता।
  2. मुनाफ़े का वादा। “गारंटीड रिटर्न” या “पैसा डबल” जैसे वादे कोई निभा नहीं सकता।
  3. तुरंत पैसा देने का दबाव और उसी दिन बयाने की मांग।
  4. अधिसूचित या रोक वाले गांवों के प्लॉट, जो “सरकार के लेने से पहले” सस्ते में बेचे जाएं। देखें अधिग्रहण का जोखिम।
  5. खेत को कॉलोनी बताकर बेचना, बिना धारा 80 की घोषणा या लेआउट मंज़ूरी के। देखें भू-उपयोग परिवर्तन।
  6. ग्राम सभा, तालाब या चरागाह की ज़मीन, जो निजी तौर पर नहीं खरीदी जा सकती।
  7. मुख्तारनामे या केवल इक़रारनामे पर बिक्री, जिससे मालिकाना हक़ नहीं बदलता।
  8. विक्रेता का नाम खतौनी में न होना, या हिस्सेदारों का “बाहर” होना और “बाद में दस्तख़त” का वादा।
  9. नक़द भुगतान बिना रसीद के, या ऐसे खाते में जो मालिक के नाम न हो।

इसके बजाय क्या करें?

खतौनी और खसरा जांचें, तहसील में अधिसूचना की पुष्टि करें, प्लॉट देखें, भुगतान बैंक से करें और बाक़ी रक़म देने से पहले बैनामा कराएं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या किसी प्लॉट से गंगा एक्सप्रेसवे पर सीधा रास्ता हो सकता है?

नहीं। एक्सप्रेसवे पर गाड़ियां केवल इंटरचेंज से चढ़ती-उतरती हैं। किसी प्लॉट के निजी गेट या सीधे प्रवेश का दावा झूठा है। पूछें कि नज़दीकी इंटरचेंज सड़क से कितनी दूर है।

क्या मुख्तारनामे पर ज़मीन खरीदना सुरक्षित है?

मुख्तारनामा किसी को मालिक की ओर से काम करने का अधिकार देता है; इससे मालिकाना हक़ नहीं बदलता। केवल मुख्तारनामे या इक़रारनामे पर हुई खरीद से आपको मालिकाना हक़ नहीं मिलता। दर्ज मालिक के दस्तख़त वाले रजिस्टर्ड बैनामे पर ही ज़ोर दें।

डीलर कहता है एयरपोर्ट लिंक खुलते ही दाम बढ़ेंगे, जल्दी करें। क्या करूं?

जल्दी पैसा देने का दबाव अपने आप में ख़तरे का संकेत है। भविष्य की कीमत का वादा कोई नहीं कर सकता। खतौनी, अधिसूचना और रास्ता जांचने का समय लें; सच्चा विक्रेता कुछ दिन रुक सकता है।

स्रोत

  1. Board of Revenue, Uttar Pradesh: UP Bhulekh land records · हमारी टीम ने अभी नहीं जांचा
  2. Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority: UP RERA portal · हमारी टीम ने अभी नहीं जांचा
  3. Stamp and Registration Department, Uttar Pradesh: IGRSUP: registration, circle rates and stamp duty · हमारी टीम ने अभी नहीं जांचा