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लिंक एक्सप्रेसवे

जेवर एयरपोर्ट से गंगा एक्सप्रेसवे लिंक एक्सप्रेसवे

मंज़ूर

सीधा जवाब

जेवर लिंक एक प्रस्तावित छह-लेन एक्सप्रेसवे है, जो नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के इलाक़े को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। इसकी लंबाई 74.467 किमी और लागत ₹8,585.51 करोड़ बताई गई है। UP कैबिनेट ने 4 अगस्त 2026 को इसे मंज़ूरी दी। रूट में 56 गांव आते हैं; UPEIDA ने जुलाई 2025 में यहां ज़मीन की खरीद-बिक्री रोक दी थी।

जेवर (नोएडा एयरपोर्ट) – गंगा एक्सप्रेसवे लिंक
स्थितिUP कैबिनेट से मंज़ूर
लंबाई74.467 किमी
लेन6 लेन
लागत₹8,585.51 करोड़
शुरुआतभाईपुर ब्राह्मण, गौतम बुद्ध नगर ज़िला — फ़िल्म सिटी / YEIDA सेक्टर 21 के पास, यमुना एक्सप्रेसवे के लगभग 24.8 किमी बिंदु पर
अंतबहापुर, स्याना के पास, बुलंदशहर ज़िला (गंगा एक्सप्रेसवे पर)
गांव56 गांव
तहसीलेंखुर्जा, बुलंदशहर, स्याना और शिकारपुर (बुलंदशहर ज़िला)

आखिरी बार अपडेट: · जांचकर्ता संपादकीय टीम · स्रोत

ज़मीन की खरीद-बिक्री पर रोक

UPEIDA ने जुलाई 2025 में रूट के साथ ज़मीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगाई

इस रूट के पास ज़मीन खरीदने से पहले तहसील और UPEIDA से पुष्टि करें कि गांव रोक या अधिग्रहण अधिसूचना में शामिल है या नहीं।

लिंक कहां से कहां जाएगा?

भाईपुर ब्राह्मण, गौतम बुद्ध नगर ज़िला — फ़िल्म सिटी / YEIDA सेक्टर 21 के पास, यमुना एक्सप्रेसवे के लगभग 24.8 किमी बिंदु पर से बहापुर, स्याना के पास, बुलंदशहर ज़िला (गंगा एक्सप्रेसवे पर) तक, कुल 74.467 किमी। ज़्यादातर हिस्सा बुलंदशहर ज़िले में है: खुर्जा, बुलंदशहर, स्याना और शिकारपुर (बुलंदशहर ज़िला)।

ज़मीन के लिए यह क्यों अहम है?

यह लिंक दो बढ़ते केंद्रों को जोड़ता है: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जहां 15 जून 2026 को व्यावसायिक उड़ानें शुरू हुईं, और गंगा एक्सप्रेसवे कॉरिडोर, जिसमें बुलंदशहर का औद्योगिक नोड भी है। इसी वजह से इसके किनारे की ज़मीन में दिलचस्पी है, और इसी वजह से सरकार ने पहले ही बिक्री पर रोक लगा दी।

ज़मीन की बिक्री पर रोक का क्या मतलब है?

रोक लगने पर प्रभावित इलाक़े में ज़मीन की बिक्री की रजिस्ट्री नहीं होती, ताकि कोई सस्ते में ज़मीन खरीदकर सरकार से ऊंचा मुआवज़ा न ले। अगर कोई विक्रेता कहे कि ज़मीन रूट के “ठीक बाहर” है, तो गांव और खसरा तहसील में ख़ुद जांचें।

ज़िले की जानकारी: बुलंदशहर ज़िला।

क्या मंज़ूर हुआ और कब?

  1. UPEIDA ने प्रस्तावित रूट के साथ ज़मीन की खरीद-बिक्री रोकी
  2. UP कैबिनेट ने लिंक एक्सप्रेसवे को मंज़ूरी दी

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

जेवर–गंगा एक्सप्रेसवे लिंक का रूट क्या है?

यह भाईपुर ब्राह्मण, गौतम बुद्ध नगर ज़िला — फ़िल्म सिटी / YEIDA सेक्टर 21 के पास, यमुना एक्सप्रेसवे के लगभग 24.8 किमी बिंदु पर से शुरू होकर बहापुर, स्याना के पास, बुलंदशहर ज़िला (गंगा एक्सप्रेसवे पर) पर ख़त्म होगा। रास्ते में बुलंदशहर ज़िले की खुर्जा, बुलंदशहर, स्याना और शिकारपुर तहसीलें आती हैं।

जेवर लिंक के रूट में कौन से गांव हैं?

रूट में 56 गांव आते हैं। गांवों की सरकारी सूची हमें अभी नहीं मिली है। तहसील या UPEIDA से सूची लें; सरकारी स्रोत से मिलते ही हम उसे यहां छापेंगे।

क्या जेवर लिंक के पास ज़मीन खरीद सकते हैं?

UPEIDA ने जुलाई 2025 में रूट के साथ ज़मीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगाई। रोक वाले या अधिसूचित गांव की ज़मीन खुले तौर पर खरीदी-बेची नहीं जा सकती और मुआवज़ा सरकारी प्रक्रिया से मिलता है। कुछ भी तय करने से पहले तहसील से गांव की स्थिति जांचें।

जेवर लिंक कब बनेगा?

UP कैबिनेट ने 4 अगस्त 2026 को मंज़ूरी दी। निर्माण शुरू होने और पूरा होने की तारीख़ अभी घोषित नहीं हुई है। UPEIDA के काम देने पर हम यह पेज अपडेट करेंगे।

स्रोत

  1. Reports on the Jewar–Ganga Expressway link (cabinet approval 4 Aug 2026; land sale freeze July 2025) (मूल लेख का लिंक अभी दर्ज नहीं) · हमारी टीम ने अभी नहीं जांचा
  2. UPEIDA: Ganga Expressway project page · हमारी टीम ने अभी नहीं जांचा